डार्विन: क्रिकेट के मैदान पर खुद को ‘अजेय’ समझने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपनी ही मांद में वो दिन देखना पड़ा है, जिसकी कल्पना शायद उसने बुरे सपने में भी नहीं की होगी। वॉर्म-अप मैच में पारी से हारने वाली और अपने मुख्य तेज गेंदबाज नाहिद राणा के बिना उतरी बांग्लादेशी टीम ने डार्विन टेस्ट में नंबर-1 ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से ऐसी करारी शिकस्त दी कि पूरे ऑस्ट्रेलियाई खेमे में मातम का माहौल है। कंगारू मीडिया इसे अपनी टेस्ट हिस्ट्री की “सबसे शर्मनाक तबाही” बता रहा है।
चार दिन तक चला बांग्लादेशी सबक: जिस मैच को ऑस्ट्रेलियाई पंडित एकतरफा मान रहे थे, उसमें बांग्लादेश ने चारों दिन कंगारुओं को खेल के हर विभाग में जमकर नचाया।
‘आउट ऑफ फॉर्म’ ओपनिंग और लाबुशेन पर तलवार: एशेज 2025 के बाद से 27 से भी कम की औसत से जूझ रहे ओपनर जेक वेदरल्ड और नंबर-3 मार्नस लाबुशेन अब निशाने पर हैं। स्टीव स्मिथ (71 और 44) और दूसरी पारी में कैमरन ग्रीन के शतक के अलावा बाकी कंगारू बल्लेबाज ‘तू चल, मैं आया’ की तर्ज पर पवेलियन लौटते दिखे।
दिग्गजों के निशाने पर आई ‘बूढ़ी’ टीम: पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और मैथ्यू हेडन ने साफ कह दिया है कि अब वक्त आ गया है कि इस बूढ़ी हो रही टीम की सर्जरी की जाए। पोंटिंग ने तंज कसते हुए कहा कि अब ओपनर और नंबर 3 को बाहर करके नए लड़कों को लाने का सही समय है, क्योंकि इससे बुरा ऑस्ट्रेलिया का और क्या होगा। मार्क वॉ और डेविड वॉर्नर भी कह रहे हैं कि अब कड़वा घूंट पीकर युवाओं को मौका देना ही पड़ेगा।
मैके टेस्ट से पहले सिरदर्द: पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और 38 साल के नाथन लियोन के पुराने भरोसेमंद गेंदबाजी अटैक में भी दरारें दिखने लगी हैं। लियोन को बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज ने पूरी तरह फीका साबित कर दिया। 22 अगस्त से मैके में होने वाले दूसरे टेस्ट और अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले ऑस्ट्रेलियाई सेलेक्टर्स अब सैम कोंस्टास, मैट रेनशॉ और कूपर कोनोली जैसे युवाओं की गुहार लगाने को मजबूर हो गए हैं।
