बांग्लादेश की राजनीति में तीन दशक बाद बड़ा लोकतांत्रिक मोड़ आया है, जहां लंबे समय बाद हुए सीधे और प्रतिस्पर्धी राष्ट्रपति चुनाव में बीएनपी के दिग्गज नेता ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ महासचिव और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के करीबी सहयोगी मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर देश के 23वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार, 78 वर्षीय आलमगीर ने अपने प्रतिद्वंद्वी कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को बड़े अंतर से पराजित किया। यह 1991 के बाद पिछले 35 वर्षों में पहला मौका है जब बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए आम सहमति के बजाय सीधा मुकाबला हुआ।
संसद में हुए गुप्त मतदान में कुल 349 पंजीकृत सांसदों में से 343 ने वोट डाला, जबकि 6 सदस्य अनुपस्थित रहे। आलमगीर को 255 वोट मिले, जबकि जमात-ए-इस्लामी समर्थित 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के प्रत्याशी 84 वर्षीय ओली अहमद को केवल 88 मत प्राप्त हुए। आलमगीर बंगभवन के दरबार हॉल में पद की शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने उन्हें इस विजय पर बधाई दी। यह चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा स्वास्थ्य कारणों से कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा देने के बाद कराया गया।
